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Spiritual | 27-Nov-2016 12:54:24 PM
घंटी और शंख का है विशेष महत्‍व

  • मंदिर में घंटी बजाने का वैज्ञानिक महत्‍व भी



 


दि राइजिंग न्‍यूज

घंटी और शंख प्राचीन काल से महत्व में रही है। घंटी अक्सर आप मंदिरों में या घर में बजाते ही हैं। मंदिर में घंटी बजाने का केवल धार्मिक महत्व ही नहीं इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। घंटी के इस्तेमाल से आप कई सारी परेशानियों से बच सकते हो। आइए जानते हैं घंटी क्यों बजाई जाती है। सबसे पहले जानते हैं कितनी प्रकार की घंटिया होती हैं।


घंटिया चार तरह की होती हैं। हाथ घंटी, घंटा, गरूड़ घंटी और द्वार घंटी। घर में हाथ घंटी ही बजाई जाती है। वैज्ञानिक आधार पर बात करें तो जब हम मंदिर में घंटी बजाते हैं तब इससे पैदा हुआ कंपन वातावरण में मौजूद विषाणुओं और जीवाणुओं के अलावा सूक्ष्म जीवों को खत्म कर देता है। जिससे वातावरण साफ होता है। इसके अलावा घंटी बजाने से नकारात्मक शक्तियां भी खत्म होती हैं।


जब आप मंदिर में जाकर घंटी बजाते हैं तब मंदिर में देवी देवताओं की मूर्ति जाग्रत हो जाती है। और वे आपको प्रभावशाली रूप में आपकी मदद करते हैं। घंटी बजाने से कई तरह के पाप खत्म हो जाते हैं। घंटी नाद का प्रतीक है। ओम के बाद घंटी को नाद का प्रतीक माना जाता है। घंटी बजाने से हाथों की यौगिक क्रिया भी होती है जिससे हाथों मे दर्द की समस्या दूर होती है। किसी भी पूजा को तभी पूरा माना जाता है जब आरती होती है।


आरती घंटी और शंख के बजने पर ही पूरी मानी जाती है। घंटी समस्याओं का अंत भी करती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस घर में घंटी रहती है वह घर हमेशा बुरी आत्माओं से व बुरी शक्तियों से भी बचा रहता है। शंख का घर में होना शुभ माना गया है। वैज्ञानिक कारणों से भी शंख बजाने का लाभ बताया गया है। प्रतिदिन शंख बजाने वाले व्‍यक्ति को सांस यानी फेफड़े संबंधी बीमारी की आशंका काफी कम हो जाती है। इसकी ध्‍वनि से तमाम प्रकार के बैक्टिरिया की मौत हो जाती है। वातारण अच्‍छा हो जाता है।


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