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UP | 12-Jan-2017 11:41:02 AM
सीएम की बेदाग छवि को खतरा



 दि राइजिंग न्‍यूज ब्‍यूरो

कमल दुबे

13 जनवरी, लखनऊ।

विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव सरकार की मुश्किलें बढ़ने के आसार हैं। यूपी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन के मामले की सीबीआइ जांच का रास्ता साफ होने के बाद अखिलेश सरकार के मंत्री गायत्री प्रजापति सहित कई बड़े अफसरों के फंसने की संभावना है।

सरकार के मंत्री और अफसरों के गिरफ्त में आने की दशा में अरबों रुपए के इस अवैध खनन घोटाले का कीचड़ अब तक बेदाग रही अखिलेश यादव सरकार तक जाना तय है। चुनाव का माहौल होने के कारण विपक्षी पार्टियां इसे बड़ा मुद्दा बनाकर मतदाताओं के बीच रखेगी। अपने अब तक के कार्यकाल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की छवि बेदाग रही है। 

सूत्रों का कहना है कि चुनाव तक अपनी बेदाग छवि को बनाए रखने के लिए अखिलेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका के लिए जा सकती है। इसके कानूनी पहलुओं पर सरकार का न्याय विभाग कवायद करने में जुट गया है।


सबकुछ जानते हुए भी सरकार ने लिया था यूटर्न

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले साल जुलाई माह में यूपी में अवैध खनन के मामले में सीबीआइ जांच के आदेश दिए थे। जिस पर अचानक बचाव की मुद्रा में आई सरकार ने आननफानन तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रजापति को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था। इसके अलावा तत्कालीन खनन सचिव को भी हटा दिया गया था।

अवैध खनन घोटाले के कीचड़ से बचने के लिए शुरुआती कार्रवाई के बाद एकाएक अखिलेश सरकार ने यूटर्न लेते हुए गायत्री प्रजापति को फिर से मंत्रिमंडल में ले लिया था और हाई कोर्ट के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने बीते अक्टूबर माह में हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने कल सीबीआइ जांच पर लगाई गई रोक को हटाते हुए यूपी सरकार की अपील को खारिज कर दिया है।


सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से परेशान सरकार

अभी तक कुनबे की घमासान से जूझ रही अखिलेश यादव सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद खासी परेशान नजर आ रही है। सरकार को डर है कि खनन मामले की सीबीआइ हुई तो बेदाग अखिलेश सरकार पर बड़ा दाग लग सकता है।


मायावती सरकार से भी बड़ा घोटाला

जानकारों का कहना है कि रोक के बावजूद यूपी में अवैध खनन में पिछली मायावती सरकार से भी बड़ा घोटाला हुआ है। सरकार के मंत्री गायत्री प्रजापति तथा कुछ सांसद और विधायकों की देखरेख में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हुआ है। जिसमे पांच सौ से सात सौ रुपये प्रति ट्रक की लगान वसूली की जाती थी। 

सूत्रों का कहना है कि जालौन में एक जिलाधिकारी के द्वारा अवैध खनन पर सख्ती किए जाने पर कई ट्रक पकड़े गए। इन ट्रकों ने सरकार के मंत्रियों और विधायकों के नाम कबूले थे। बाद में इस डीएम का अखिलेश यादव सरकार ने तबादला कर दिया था।

 

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