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Ladies Special | 5-Aug-2016 10:04:46 PM
तुम्‍हारा ब्रेकअप हुआ है...तो ये तुम्‍हारे लिए



 

दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्‍क।

तुम स्टूडेंट हो सकती हो नौकरीपेशा हो सकती हो या तुम घर में बैठी वो लड़की हो सकती हो, जिसने दोनों ही चीजों से ब्रेक लिया हुआ है।


तुम उदास हो... मैं जानती हूं तुम उदास हो तुम घूमती-फिरती हो, पार्टी करती हो, दोस्तों और बॉयफ्रेंड से मिलती हो सबकुछ नॉर्मल होता है, लेकिन जब रात को बिस्तर पर सोने के लिए लेटती हो, तुम उदास हो जाती हो। सोने के पहले तुम घंटों सोचती हो कभी क्लास में, कभी ऑफिस में तुम किसी और दुनिया में चली जाती हो तुम्हें नहीं मालूम ऐसा क्यों होता है तुम हजारों चीजें सोचती हो अपने फ्यूचर, अपनी शादी के बारे में। तुम खुद से सवाल करती हो जो कोर्स, जो नौकरी तुम कर रही हो, क्या वो तुम्हारे लिए सही है। तुम्हारा दिमाग शंकाओं से भर उठता है। बेचैनी सी होती है, फिर अपना दिमाग तुम किसी और चीज में लगा लेती हो।


तुम्हारा ब्रेकअप हुआ था। ऐसा नहीं कि तुम्हें उसकी याद सताती है। तुम ठीक हो, सब ठीक है, लेकिन एक अजीब सा डर तुम्हें खाए जाता है। कभी-कभी रात को चौंक कर उठ जाती हो, कभी सड़कों पर निकलती हो तो अगल-बगल चल रहे हर चेहरे को ध्यान से देखती हो। तुम्हें लगता है कहीं वो आस-पास तो नहीं है, कहीं बगल वाले हेलमेट के अंदर उसकी शक्ल तो नहीं है। तुम नहीं चाहती हो, तुम्हारा बर्थडे आए। कहीं विश करने के लिए उसका फ़ोन आ गया तो। कहीं वो फेसबुक पर किसी फेक अकाउंट से तुम्हें देख न रहा हो। कल वो कहीं टकरा गया, तो उसे क्या जवाब दोगी तुम...


तुम उसके ज़िक्र से भी बचती हो तुमने कुछ लाइनें बोलने का अभ्यास कर लिया है। कहीं उसका ज़िक्र आ जाए तो मुस्कुरा कर वही बोल देती हो। फिर देर तक सोचती रहती हो, जाने कैसा होगा वो। जब तुम आखिरी बार मिले थे, वो ठीक नहीं था. तुम भी ठीक नहीं थी। तुमने नहीं चाहा था इतने बुरे दिन आएं। पर दम सा घुटने लगा था। तुम प्यार में अभिनय करने लगी थी। वो शादी के ख्वाब देखने लगा था। लेकिन तुम जिंदगी में कुछ और करना चाहती थी। हर दिन, तुम इस रिश्ते के साथ जागती थीं। ऐसा लगता था दिमाग पर बोझ रखा हुआ है। वही कॉल्स, वही मैसेज। जैसे ड्यूटी अदा करना हो। फिर एक दिन तुमने कह दिया। और तुम दोनों बिखर गए। मोतियों के टूटे हार की तरह।


या फिर ऐसा हुआ था कि उसका दिल कहीं और लग गया था। उसका तुमसे मन हटने लगा था। और एक दिन उसने कह दिया। या यूं हुआ कि तुम किसी और से इश्क कर बैठीं। वो, जो तुम्हें मेंटली अपने ज्यादा करीब लगता था। वो, जिससे तुम घंटों बात कर सकती थीं। खासकर एक ऐसे रिश्ते के बाद, जिसमें बातें मर चुकी थीं।


मुमकिन है वो तुम्हें परेशान करता हो। रात-दिन का हाल मांगता हो। कपड़ों की चॉइस पर टोकता हो। दूसरे लड़के दोस्तों से मिलने को रोकता हो। ये भी मुमकिन है कि किसी बहस में उसने तुम्हें थप्पड़ मारा हो। धक्का दिया हो। या और बड़ा फिजिकल अब्यूज किया हो।


या यूं हुआ कि वो एक कायर निकला एक स्वार्थी, डरपोक आदमी जो तुमसे इश्क करता रहा तुम भी उससे इश्क करती रहीं लेकिन ज़रूरत के समय वो तुम्हारे साथ न रहा जब तुम रोती रहीं, वो मुंह घुमाकर सोता रहा वो डरता रहा अपने मां-बाप से, समाज से लिहाज करता रहा सड़क पर तुम्हारे साथ चलने से तुम्हारा हाथ थामने से तुम्हारे साथ तस्वीर खिंचवाने से उसने तुम्हें बंद कमरे के अंदर प्रेम किया क्योंकि वो डरता रहा कि लोग जान गए तो क्या कहेंगे


4, 5, 6, 7 या 10 बहुत साल पुराना था तुम्हारा प्रेम। तुम निभाती गईं। सोचती रही एक दिन सब ठीक हो जाएगा। लेकिन वो दिन कभी नहीं आया। अब तुम पछताती हो। कितना बचपना था तुम्हारे अंदर। लगता था सब बॉलीवुड की फिल्मों सा होगा। पर तुम जितनी बड़ी होती गईं, जिंदगी की सूरत और खराब होती गई। आज तुम चिढ़ती हो अपने आप से। जाने क्यों तुम उन लोगों के पीछे पड़ी रही, जिन्होंने तुम्हें डिजर्व नहीं किया।


तुम खुद को आईने में देखती हो सोचती हो तुम्हें क्यों इतना खालीपन महसूस होता है क्यों तुम्हें हमेशा, हमेशा इतने प्यार की ज़रूरत होती है तुम क्यों चाहती हो कि कोई तुम्हें अपने लाड से बिगाड़ दे तुम क्यों बच्चों सा बनना चाहती हो तुम इंडिपेंडेंट हो ऐसा कोई काम नहीं जो तुम नहीं कर सकती फिर प्यार पाने और देने की इतनी इच्छा क्यों क्यों एक अजीब सी ममता तुम्हारे अंदर उमड़ती है और लगता है किसी को सीने से लगाकर उसके सारे दुख खींच लूं क्यों?


तुमसे ये कहना है कि तुम अकेली नहीं हो। हम सब ऐसे ही हैं। हम सब, कभी न कभी ऐसे दौर से गुजरे हैं। मैं ये नहीं कहूंगी कि तुम एक दिन दुनिया पर राज करोगी। ये भी नहीं कहूंगी कि जो हुआ उसे भूल जाओ। ये भी नहीं कहूंगी कि हमेशा सिंगल रहो, या मर्दों से नफरत करने लगो।


ये कहूंगी कि तुम जैसी हो ठीक हो। जो तुमने किया, जो भोगा, जो झेला। वो तुम्हारा अनुभव था। और तुम्हारे अनुभव के फिक्स्ड डिपॉजिट में जुड़ चुका है। अगर तुम्हें अपने एक्स की याद आती है, तो इसमें कोई बुराई नहीं। उसके बारे में बातें करो। अपने दोस्तों से, अपने करेंट बॉयफ्रेंड से। बुरी बातें हो या अच्छी, उन्हें निकाल दो। ये मत सोचो कि तुम उस पार्क में, उस मॉल में कैसे जाओगी, जहां तुम उससे मिला करती थीं। ये मत सोचो कि वो दिख गया या उसका फ़ोन आ गया तो तुम्हें इमोशनल ब्रेकडाउन हो जाएगा। ये मत सोचो कि तुम इसे अपने करेंट बॉयफ्रेंड से बताओगी, तो वो हर्ट होगा। और अगर तुम सिंगल हो, तो अपने सबसे अच्छे दोस्त से सब कुछ कह डालो। अगर मन में घबराहट है, तो उसे निकल जाने दो। ये मत सोचो कि ये तुम्हें कमज़ोर बना देगा। बदली भरी उमस से तो चिलचिलाती धूप ही बेहतर है न। कमसकम घुटन तो नहीं होती। इसलिए बरस जाओ।


इश्क पर भरोसा रखो और इश्क से ज्यादा खुद पर क्योंकि हर बीते पल के साथ तुम उम्र में बड़ी होती हो पहले से ज्यादा समझदार होती हो तुम आज के दिन जो फैसला लेती हो, वो बीते हुए कल वाले फैसले से बेहतर है


तुम स्वस्थ रहो। खुश रहो। ये सिर्फ मैं नहीं कहती। चारों तरफ देख लो। तुमसे प्यार करने वाला हर व्यक्ति यही चाहता है।

(साभार thelallantop.com)

 

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