• कोलकाता वनडे: भारत ने जीता टॉस, पहले गैंदबाजी का फैसला
  • तिनसुकिया में असम राइफल्स और उल्फा-NSCN में मुठभेड़, तीन जवान शहीद
  • मुुलायम की गैर मौजूदगी में सपा का घोषणापत्र जारी
  • सामाजवादी पार्टी और कांग्रेस कर सकतेे हैैं गठबंधन - सूत्र

Share On

पीएम मोदी के पास ईमानदारी की डिग्री, जानें कैसे

  • नरेंद्र मोदी के भाइयों में एक थे फिटरकोई बेचता है पतंग
  • कोई चलाता है बुजुर्गों के लिए संस्था - किसी का है कबाड़ का कारोबार


अपनी मां हीराबेन के साथ मोदी। -फाइल फोटो

 

दि राइजिंग न्‍यूज

05 जनवरीलखनऊ।

वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। लेकिन उनका परिवार हमेशा मीडिया की चकाचौंध से दूर ही रहा है। उनके बड़े और छोटे भाई गुजरात में लाइमलाइट से दूर किसी आम आदमी जैसी जिंदगी बिता रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाइयों के बारे में कई ऐसी जानकारियां सामने आई हैंजो अब से पहले लोगों को पता नहीं थी।

आइए जानते हैं उनके परिवार के सदस्‍यों को :-

सोमभाई मोदी

गुजरात में बुजुर्गों की देखभाल के लिए संस्था चलाने वाले सोमभाई के बारे में लोगों को साल 2015 में पता चला। उस वक्त वह एक एनजीओ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गए थे। यहां उनके नाम के आगे लिखा था सोमभाई मोदी-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे बड़े भाई। 

इसके बाद सोमभाई ने कहा थामेरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक परदा है। मैं उन परदे को देख सकता हूंलेकिन आप नहीं। मैं नरेंद्र मोदी का भाई हूंप्रधानमंत्री का नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मैं भारत के 125 करोड़ नागरिकों में से एक हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पिता के 6 बच्चों में तीसरे हैं।

सोमभाई पिछले ढाई साल से प्रधानमंत्री से नहीं मिले। सिर्फ फोन पर ही बात हुई है। लेकिन गुजरात इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट में कार्यरत उनके छोटे भाई पंकज से उनका मिलना होता रहता हैक्योंकि मां हीराबेन उनके साथ ही गांधीनगर में रहती हैं।

अमृतभाई मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे बड़े भाई हैं और साल 2005 में एक प्राइवेट कंपनी से बतौर फिटर रिटायर हुए थे। उनकी तनख्वाह उस वक्त सिर्फ 10हजार रुपये थी।

वह फिलहाल अहमदाबाद के गढ़लोढ़िया इलाके में अपने मध्यम व्यवसायी बेटे संजय (47), उसकी पत्नी और दो बच्चों के साथ चार कमरे के घर में लाइमलाइट से दूर जिंदगी बिता रहे हैं। संजय का बेटा नीरव और बेटी निराली दोनों ही इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स हैं। उन्होंने साल 2009में ही कार खरीदी है।

संजय के परिवार का दावा है कि उन्हें अब तक प्लेन में बैठने का इंतजार है। उनकी अब तक सिर्फ दो बार ही पीएम मोदी से मुलाकात हो पाई है। पहली साल 2003 में जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे और दूसरी बार 16 मई 2014 को जब बीजेपी ने लोकसभा चुनाव जीता था।

प्रह्लाद मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी से छोटे हैं और गुजरात में फेयर प्राइस शॉप ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो 64 वर्षीय प्रह्लाद मोदी ने पीडीएस सिस्टम में पारदर्शिता को लेकर एक मुहिम शुरू की थीजिसका प्रह्लाद मोदी ने विरोध किया था।

प्रधानमंत्री के अन्य भाईभतीजे और रिश्‍तेदार :-

अशेाक भाई मोदी

प्रधानमंत्री के चाचा नरसिनदास के बेटे अशोक भाई वाडनगर के घीकंटा बाजार में एक छोटी सी दुकान में पतंगपटाखे और स्नैक्स बेचते हैं।

भारत भाई

अशोक से बड़े भरत भाई वाडनगर से 60 किलोमीटर दूर पालनपुर के पास लालवाड़ा गांव के एक पेट्रोल पंप पर काम कर अपना पेट भरते हैं। उनकी पत्नी रामिलाबेन छोटी-मोटी चीजें बेचकर पैसा कमाती हैं।

चंद्रकात भाई मोदी

भरतभाई से छोटे चंद्रकात भाई अहमदाबाद की एक चैरिटेबल गौशाला में बतौर सहायक काम करते हैं।

अशोक और भरत भाई के भाई अरविंद भाई एक स्क्रैप डीलर हैं जो वाडनगर में घर-घर घूमकर पुराने टिन और बेकार रद्दी उठाते हैं। मोदी के चाचा नरसिनदास के सबसे बड़े बेटे भोगीभाई वाडनगर में एक ग्रॉसरी शॉप चलाते हैं।

 

Share On

 

अन्य खबरें भी पढ़ें

HTML Comment Box is loading comments...

खबरें आपके काम की

 

 

Newsletter

Click Sign Up for subscribing Our Newsletter

 


शहर के कार्यक्रम एवं शिक्षा से जुडी ख़बरें